MERA NAZRIYA: #SANDESH 2 SOLDIERS
MERA NAZRIYA: #SANDESH 2 SOLDIERS: #SANDESH 2 SOLDIERS प्रधानमंत्री आज बनारस में थे , उन्होंने "विकसित पूर्वांचल" की आधारशिला रखी। अपने भ...
#SANDESH 2 SOLDIERS
#SANDESH 2 SOLDIERS
प्रधानमंत्री आज बनारस में थे , उन्होंने "विकसित पूर्वांचल" की आधारशिला रखी। अपने भाषण की शुरुवात में ही उन्होंने देश के उन हज़ारो सैनिको और सुरक्षाकर्मियों का दिल जीत लिया। उन्होंने कहा की आप इस दिवाली एक सन्देश अपने देश के उन सैनिको और सुरक्षाकर्मियों को भेजें जो अपने घर से बहुत दूर हमारी और आपकी सुरक्षा के लिए बॉर्डर में खड़े हैं।
प्रधानमंत्री ने एक प्लेटफ़ॉर्म दिया है "#SANDESH 2 SOLDIERS"जहाँ आप अपना सन्देश सीधे उन जवानों तक पंहुचा सकते हैं।
इसके लिए आप 1922 पे मिस कॉल करके "Narendra Modi app " को डाउनलोड करें और "SANDESH 2 SOLDIERS" icon पर जाकर अपने सन्देश भेज सकते हैं।
आपका ,
meranazriya.blogspot.com
जीने का अंदाज
महफिल में मुस्कुराना मेरा मिजाज बन
गया,
तन्हाई में रोना भी एक राज बन गया,
दिल के जख्म को चेहरे से जाहिर न
होने दिया,
यही जिन्दगी में मेरे जीने का अंदाज
बन गया..
आपका ,
meranazriya.blogspot.com
स्वच्छता - एक विचार
स्वच्छता - एक विचार
साफ़ -सफाई एक कार्य नहीं एक विचार है। गंदगी कहा से होती है इसे खोजा जाये तो आप पायेंगे कि इसके जड़ हम ही है। हम अपना घर तो साफ करते है लेकिन सार्वजनिक जगहों पे हम उतना ध्यान नहीं देते। सफाई के लिए सरकार हमें उपयुक्त साजो सामान दे सकती है लेकिन गंदगी ना इसके लिए हमें ही आगे आना होगा।
आज किसी भी कॉलोनी के सीढ़ियों पे,सरकारी आफिसों में ,बस स्टैंड ,रेलवे स्टेशनों पर पान का पीक दिखाई देना आम बात है। क्या इसके लिए सरकार दोषी है या हम ? सफाई के लिए मेरा एक मंत्र है कि गन्दा ही ना करो ,और हमेशा इसकी शुरुआत अपने आस -पड़ोस से करो। और अपने बच्चो को इसके लिए प्रेरित करो।
जबसे हमारे प्रधानमंत्री ने २ अक्टूबर को लोगो को सफाई के लिए "स्वच्छाग्रह" का ऐलान किया है इसमें कोई संदेह नहीं कि लोगों में जागरूकता आयी है। बहुत सारे स्वयंसेवी संस्थाए ,मीडिया ,विशिष्ट व्यक्ति ,राजनेता गण ,आम लोग सफाई के लिए आगे आये है। और ये सुखद बदलाव है। हमें ध्यान रखना होगा कि ये जोश सिर्फ दिन विशेष का न बनकर रह जाये। स्वच्छता को हमें आत्मसात करना होगा और अपने व्यवहार कमें बदलाव लाना होगा, तब जाकर हमारे प्रधानमंत्री का स्वच्छ भारत का सपना साकार होगा।
सफाई के लिए आम आदमी क्या करें :
- घर का कचड़ा निर्धारित जगह पर ही फेंके
- पान गुटका का सेवन ना करें
- सार्वजनिक स्थलों पर कचड़ा बॉक्स का प्रयोग करे
- खुले शौच ना करें , शौचालय का प्रयोग करें
- अपने घरो में सबको जागरूक करें
- कोई भी गंदगी फैलाते हुए दिखे तो उसे विनम्रता से रोके
सफाई के लिए सरकार क्या करें :
- कचड़ा प्रबंधन का वैज्ञानिक तरीका अपनाये
- सार्वजनिक स्थलों पर उचित मात्रा में डस्टबीन रखे
- सफाई लिए गाइड लाइन डिस्प्ले करे ,और ना मानने वालों से जुर्माना वसूल करे
- प्लास्टिक बैग के उत्पादन पर बैन लगाए
- तम्बाकू और गुटके को पूरी तरह से बैन करे
आपका ,
जायसवाल "नज़रिया "
meranazriya.blogspot.com
Subscribe to:
Posts (Atom)
वो आंखें..
वो आंखें... वो आंखों में, चित्कार है कसक है, घर छुटने का ग़म है पराया होने का मरम है डर भी है, खौफ भी है वापस ना आने का दर्द है अपनों से ...
-
क्षितिज, जल, पावक, गगन, समीर ये पंचतत्व से शरीर है इसी पंचतत्व की पूजा है (पानी मे रहकर आकाश की तरफ गर्दन किये हुए हाथ मे दीपक लेकर खुले ह...
-
वो आंखें... वो आंखों में, चित्कार है कसक है, घर छुटने का ग़म है पराया होने का मरम है डर भी है, खौफ भी है वापस ना आने का दर्द है अपनों से ...
-
हाँ अब थोड़ा डरने लगा हुं सहमने लगा हूं अपनो के लिए सब कुछ कर ना पाने का भाव डराने लगा है ऐसा नहीं कि ये पहली बार है पहले भी ऐसा महसूस होत...