सब़र..
रख सब़र,
हर मुश्किल छोड़ेगी अपना असर,
बस मेहनत को बना अपना हुनर।
ग़म ना कर, जारी रख अपना सफ़र,
आज नहीं तो कल मिलेगी मंज़िल की डगर।
शिकायत ना कर, ख़ुद पर रख नज़र,
तेरे कर्मों की एक दिन होगी क़दर।
शांत रह, हर बात का मत दे उत्तर,
वक़्त आने पर ख़ुद बोलेगा तेरा असर।
कष्ट को महसूस कर, मज़बूत कर जिगर,
हर ठोकर से निखार अपना हुनर।
लोग क्या कहेंगे—इसकी मत कर फ़िक्र,
अपने लक्ष्य पर रख पैनी नज़र।
आज संघर्ष है, तो कल होगा असर,
आज ख़ामोशी है, तो कल होगी क़दर।
हार मत मान, थक मत—जारी रख सफ़र,
क्योंकि जीत उसी की है, जिसमें है सब़र।
रख सब़र… रख यक़ीन…
कर कर्म… बढ़ता रह उम्रभर। 🔥
आपका,
मेरा नज़रिया
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