अंश…
हाँ, तुम ही हो अंश हमारे,
जब तुम्हारे पापा का
पहला स्पर्श मुझसे ही हुआ था,
और तुम्हें भी
सबसे पहले मैंने ही देखा था।
वो मंगलवार का दिन था,
काशी की पावन धरती पर,
जब तुम्हारी किलकारी ऐसी गूँजी,
कि क्या काशी… और क्या गाँव…
हर तरफ बस तुम्हारे आने की खबर थी।
तुम्हारे बाबा को खबर सुनाते-सुनाते
गले से आवाज़ नहीं निकल रही थी,
आँखों में खुशी के आँसू थे…
मेरे बिना कुछ कहे ही
पापा सब समझ गए थे।
और फिर पहुँच गए
बाबा की शरण में…
तुमने उस दिन
कितना खुश किया था सबको,
शायद इसका अंदाज़ा
तुम आज नहीं लगा सकते।
क्योंकि वो सिर्फ तुम्हारा आना नहीं था,
वो हमारे जीवन में
एक नई उम्मीद का आना था।
बहुत कठिन दौर से
हम सब गुजर रहे थे,
सब कुछ खो जाने का डर
हर पल हमें खाए जा रहा था।
ऐसे समय में
तुम उम्मीद बनकर आए,
हमारे जीवन में
एक अंश बनकर आए…
और हाँ,
तुम ही हो अंश हमारे।
तुममें कुछ तो खास है,
कुछ अलग… कुछ बेहद प्यारा,
स्पेशल हो तुम,
और इसलिए तो कहते हैं—
हाँ, तुम ही हो अंश हमारे।
अभी तुम बहुत छोटे हो,
बिल्कुल अपने पापा जैसे हो—
वैसे ही जिद्दी,
जो ठान लिया… वही किया।
और हाँ,
तुम्हारे पापा ने भी
कितनी बार दुनिया को गलत साबित किया है,
मुझे पूरा भरोसा है
तुम भी एक दिन
अपने पापा की तरह
सबको गलत साबित करोगे।
मुझे भरोसा है
अपने पुरखों के अच्छे कर्मों पर,
उनके आशीर्वाद पर,
और तुम्हारी अपनी मेहनत पर।
तुम अदम्य हो,
तुम रुद्र हो,
और भगवान महावीर का
आशीष हमेशा तुम्हारे साथ रहे।
तुम जीवन में बहुत आगे बढ़ो,
हर ऊँचाई तुम्हारे कदम चूमे,
स्वस्थ रहो, खुश रहो,
और यूँ ही हमेशा मुस्कुराते रहो।
क्योंकि तुम्हारी मुस्कान में
हम सबकी खुशियाँ बसती हैं।
तुम्हारे छठे जन्मदिन पर
ढेरों शुभकामनाएँ,
बहुत सारा प्यार
और अनंत आशीर्वाद।
Happy 6th Birthday, कीवी ❤️
God Bless You…
Keep Smiling… Keep Shining…
तुम हमेशा हमारे जीवन का
सबसे प्यारा “अंश” बने रहो। ❤️
तुम्हारा बड़े पापा..
ढेर आशिर्वाद....